उत्तर प्रदेश: संपत्ति विवरण न देने वाले 47,816 कर्मचारियों पर संकट; 10 मार्च तक का अंतिम अवसर, अन्यथा रुकेगा वेतन

उत्तर प्रदेश: संपत्ति विवरण न देने वाले 47,816 कर्मचारियों पर संकट; 10 मार्च तक का अंतिम अवसर, अन्यथा रुकेगा वेतन

Uttar Pradesh: 47

Uttar Pradesh: 47,816 employees in trouble for not submitting property details

लखनऊ। Uttar Pradesh: 47,816 employees in trouble for not submitting property details, कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराने के सख्त निर्देश है। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्रदेश के 47,816 राज्य कर्मचारियों ने अब तक अपना संपत्ति विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है।

इसे देखते हुए विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कर्मचारियों को 10 मार्च तक अंतिम अवसर दिया गया है।

सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। शासनादेश के अनुसार राज्य कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य था।

तय सीमा पर देना होगा विवरण

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि जो कर्मचारी तय समय सीमा तक अपना विवरण दर्ज नहीं करेंगे, उनका जनवरी का वेतन फरवरी में जारी नहीं किया जाएगा।

यदि किसी कर्मचारी ने संपत्ति विवरण दर्ज किए बिना ही वेतन प्राप्त कर लिया है, तो संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

समीक्षा में पाया गया कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अभी तक पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा दर्ज नहीं किया है। ऐसे में विभाग ने कर्मचारियों को 10 मार्च तक एक बार फिर मौका दिया है, ताकि वे अपना विवरण अपलोड कर सकें। जो कर्मचारी इस अवधि में अपना विवरण दर्ज कर देंगे, उन्हें जनवरी और फरवरी दोनों महीनों का वेतन तुरंत जारी कर दिया जाएगा।

निर्धारित समय के बाद भी विवरण न देने वाले कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई, पदोन्नति पर रोक, एसीपी लाभ में बाधा, विदेश यात्रा और प्रतिनियुक्ति पर रोक लग सकती है।